Koshish
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फुहारों के लिए मेरे दोस्त
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फुहारों के लिए मेरे दोस्त
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Monday, August 12, 2013
हवा और पानी
आकाश की अंधेरी छाती में किसी रात
बुनती है बारिश
और
सुबह दूर दूर तक धरती
हरियाये जाने को
जागती रहती है।
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